जिन्दगी की कुछ अनकही बाँतें, अनकही मुलाकातें... (Part - 2)
वक्त जिन्दगी मे हर किसी के लिए बहुत मायने रखता हो तो वो है वक्त! वक्त , शब्द हैं सिर्फ ढ़ाई अक्षर का लेकिन जिन्दगी का सबसे बड़ा सबक ये ही सिखा के जाता हैं। किसीने क्या खूब कहा हैं , “ वक्त तो अमूल्य है ही लेकिन उससे अधिक अमूल्य ये है की वो वक्त आप किसके साथ बिताते हो।“ हर कोई अपनी यादों में अच्छे वक्त को समेटकर रखना पसंद करते है , ताकि जब उन्हें वो पल याद आए तो एक प्यारी सी मुस्कान चेहरे पर आ जाए। मैंने अपनी जिन्दगी मे कुछ ऐसे लम्हों को समेटे रखा हैं जिसमें कुछ अच्छी और कुछ बुरी यादों का मिश्रण हैं। लेकिन वो भी सही हैं , जिन्दगी मे कुछ खट्टा तो कुछ मिठ्ठा होना ही चाहिए। आखिरकार हर स्वाद और हर याद का पता होना चाहिए। बचपन के दिनों को लेकर बात हो या स्कूल के दिनों को लेकर , हर एक पल न जाने क्यूँ एक सीख छोड जाती थी। कुछ बाते तब समझ में आई कुछ अब। पता चला इस वक्त से की कैसे छुपाए जाते हैं अपने आँसु , कैसे ला सकते हैं अपने चहेरे पर एक झूठी सी मुस्कान। कहा जाता हैं कि दिल मे कोई बात हो जो हमे परेशान करती हो तो किसीके सामने बयाँ करना चाहिए , लेकिन पता ना था की बताने पर खुद का ही मजाक बन...